होम लोन पर टैक्स छूट 2026: नए एक्ट में ओल्ड बनाम न्यू रिजीम
अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
संक्षिप्त उत्तर: Income-tax Act, 2025 के तहत, खुद रहने वाले (सेल्फ़-ऑक्युपाइड) घर के लिए होम लोन पर टैक्स छूट सिर्फ़ ओल्ड रिजीम में मिलती है: साल में ₹2 लाख तक का ब्याज (section 22) और ₹1.5 लाख की सीमा के अंदर प्रिंसिपल (section 123)। न्यू रिजीम में सिर्फ़ किराये पर दिए (लेट-आउट) घर पर ब्याज की छूट मिलती है, और नुकसान का सेट-ऑफ़ नहीं होता। ज़्यादातर सैलरीड लोगों के लिए होम लोन होने पर भी न्यू रिजीम में टैक्स कम बनता है।
अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026 संक्षिप्त उत्तर: Income-tax Act, 2025 के तहत, खुद रहने वाले (सेल्फ़-ऑक्युपाइड) घर के लिए होम लोन पर टैक्स छूट सिर्फ़ ओल्ड रिजीम में मिलती है: साल में ₹2 लाख तक का ब्याज (section 22) और ₹1.5 लाख की सीमा के अंदर प्रिंसिपल (section 123)। न्यू रिजीम में सिर्फ़ किराये पर दिए (लेट-आउट) घर पर ब्याज की छूट मिलती है, और नुकसान का सेट-ऑफ़ नहीं होता। ज़्यादातर सैलरीड लोगों के लिए होम लोन होने पर भी न्यू रिजीम में टैक्स कम बनता है। मुख्य बातें नए नंबर: 1961 के एक्ट के section 24(b) और 80C अब 2025 एक्ट के section 22 और 123 हैं, 1 अप्रैल 2026 से लागू। खुद रहने वाला घर: ब्याज की सीमा ₹2 लाख, सिर्फ़ तब जब जिस टैक्स ईयर में लोन लिया गया, उसके अंत से पांच साल के अंदर निर्माण या खरीद पूरी हो जाए; वरना ₹30,000। किराये वाला घर: दोनों रिजीम में पूरा ब्याज डिडक्टिबल है, लेकिन सैलरी से नुकसान का सेट-ऑफ़ सिर्फ़ ओल्ड रिजीम में, ₹2 लाख तक। रिजीम की जांच: ₹18 लाख सैलरी पर, ₹60 लाख के लोन के साथ ओल्ड रिजीम में टैक्स ₹2.34 लाख है, जबकि न्यू रिजीम में ₹1.51 लाख। जॉइंट लोन: हर सह-मालिक (को-ओनर) उधारकर्ता को अलग-अलग सीमा मिलती है। दशकों तक, टैक्स के बारे में किसी भारतीय घर खरीदार को सबसे पहले जो शब्द सुनने को मिलते थे, वे थे "80C और 24(b)"। 1 अप्रैल 2026 से ये section नंबर मौजूद ही नहीं हैं। Income-tax Act, 2025 ने 1961 के एक्ट की जगह ले ली, और इसके साथ नए section नंबर, एक ही "tax year" (टैक्स ईयर) की अवधारणा और एक ऐसा न्यू रिजीम आया जो अब ज़्यादातर टैक्सपेयर के लिए डिफ़ॉल्ट है। मूल फ़ायदे काफ़ी हद तक वही हैं। जो बदला है, वह यह कि अब बहुत कम उधारकर्ता इनसे असल में फ़ायदा उठा पाते हैं। यह गाइड नए कानून में होम लोन के हर टैक्स फ़ायदे को समझाती है, ओल्ड और न्यू रिजीम में यह कैसे अलग है, और यह कैसे निकालें कि कौन सा रिजीम असल में आपका ज़्यादा टैक्स बचाता है। Income-tax Act, 2025 में होम लोन पर टैक्स छूट क्या है? होम लोन पर टैक्स छूट वे डिडक्शन हैं जो घर खरीदने, बनाने, मरम्मत या दोबारा बनाने के लिए लिए गए लोन पर चुकाए गए ब्याज और प्रिंसिपल के लिए आपकी टैक्सेबल आय घटाते हैं। 2025 एक्ट में ये तीन जगहों पर हैं: फ़ायदा पुराना section (1961 एक्ट) नया section (2025 एक्ट) सीमा रिजीम ब्याज, खुद रहने वाला घर 24(b) 22(1)(b), 22(2) ₹2 लाख (या ₹30,000) सिर्फ़ ओल्ड ब्याज, किराये वाला घर 24(b) 22(1)(b) कोई सीमा नहीं दोनों निर्माण से पहले का ब्याज 24(b) 22(1)(c) 5 बराबर किस्तें, ऊपर की सीमाओं के अंदर ऊपर के अनुसार प्रिंसिपल, स्टैम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन 80C 123 (Schedule XV के साथ) ₹1.5 लाख, PPF, EPF, ELSS आदि के साथ साझा सिर्फ़ ओल्ड हाउस प्रॉपर्टी लॉस का सेट-ऑफ़ 71(3A) Chapter VII के सेट-ऑफ़ नियम; कैरी फ़ॉरवर्ड section 110 में साल में ₹2 लाख; बाकी 8 साल तक आगे सिर्फ़ ओल्ड पहली बार घर खरीदने वालों के पुराने section 80EE और 80EEA की कटौतियां 2025 एक्ट में क्रमशः Section 130 और Section 131 में जारी हैं, सिर्फ़ ओल्ड रिजीम में और अपनी पात्रता शर्तों के अधीन। Section 130 में ₹50,000 तक की कटौती के लिए लोन 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच मंज़ूर होना चाहिए। Section 131 में ₹1.5 लाख तक की कटौती के लिए मंज़ूरी की अवधि 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 है। प्रॉपर्टी/लोन की बाकी सीमाएं और पहली बार खरीदार होने की शर्त भी जांचें; एक ही ब्याज पर दोहरी कटौती नहीं मिलती। खुद रहने वाले घर पर कितना ब्याज डिडक्ट कर सकते हैं? section 21(6) उस घर को, जिसमें आप रहते हैं या किसी वजह से (जैसे दूसरे शहर में नौकरी) नहीं रह पाते, शून्य (निल) एनुअल वैल्यू वाला मानता है। आप ऐसे ज़्यादा से ज़्यादा दो घरों को सेल्फ़-ऑक्युपाइड मान सकते हैं। इस शून्य वैल्यू के सामने section 22 आपको होम लोन का ब्याज डिडक्ट करने देता है, इस सीमा तक: साल में ₹2 लाख , अगर लोन घर खरीदने या बनाने के लिए लिया गया हो, जिस टैक्स ईयर में आपने उधार लिया उसके अंत से पांच साल के अंदर निर्माण या खरीद पूरी हो जाए, और आपके पास लोन देने वाले का ब्याज दिखाने वाला सर्टिफ़िकेट हो। साल में ₹30,000 बाकी मामलों में, जैसे मरम्मत के लिए लोन या निर्माण में देरी। ₹2 लाख की सीमा सभी सेल्फ़-ऑक्युपाइड घरों के लिए मिलाकर है, हर घर के लिए अलग नहीं। घर पूरा होने से पहले चुकाया गया ब्याज बेकार नहीं जाता: उसे जोड़कर, निर्माण पूरा होने वाले साल से पांच बराबर किस्तों में, उसी कुल सीमा के अंदर डिडक्ट किया जाता है। प्रिंसिपल का क्या? हाउसिंग लोन पर चुकाया गया प्रिंसिपल, और जिस साल चुकाए गए उस साल की स्टैम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज, section 123 के तहत आते हैं, जिसने section 80C की जगह ली है। ₹1.5 लाख की सीमा EPF, PPF, ELSS, जीवन बीमा प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फ़ीस और बाकी के साथ साझा है। जिस सैलरीड व्यक्ति का सिर्फ़ EPF ही साल में ₹70,000–₹1 लाख है, उसके लिए प्रिंसिपल से मिलने वाला अतिरिक्त फ़ायदा अक्सर छोटा होता है। PPF बनाम ELSS बनाम SIP की हमारी तुलना बताती है कि यह सीमा आमतौर पर कैसे भरती है। क्या न्यू टैक्स रिजीम में होम लोन ब्याज क्लेम कर सकते हैं? सिर्फ़ किराये वाली प्रॉपर्टी के लिए। section 202, जो न्यू रिजीम तय करता है, section 21(6) में आने वाली प्रॉपर्टी, यानी खुद रहने वाले घरों के लिए, section 22(1)(b) के ब्याज डिडक्शन को साफ़ तौर पर बाहर रखता है। यह "Income from house property" (मकान से आय) के किसी भी नुकसान को दूसरी आय से सेट-ऑफ़ करने पर भी रोक लगाता है, और उस नुकसान को पूरी तरह इस्तेमाल हुआ मानता है, इसलिए उसे आगे नहीं ले जाया जा सकता। न्यू रिजीम में किराये वाले घर के लिए आप नेट एनुअल वैल्यू का 30% स्टैंडर्ड डिडक्शन और पूरा ब्याज डिडक्ट करते हैं। ब्याज घटाने के बाद अलग-अलग प्रॉपर्टी के नतीजे ‘Income from house property’ के तहत जोड़े जाते हैं। न्यू रिजीम में इस पूरे हेड का नेट नुकसान सैलरी या किसी दूसरे हेड से सेट-ऑफ़ नहीं हो सकता और आगे कैरी फ़ॉरवर्ड भी नहीं होता। किराये वाले घर का एक उदाहरण मान लीजिए आप पुणे में एक फ़्लैट ₹3 लाख सालाना किराये पर देते हैं, ₹20,000 म्युनिसिपल टैक्स चुकाते हैं, और 8% पर ₹60 लाख, 20 साल के लोन के पहले साल में ₹4.75 लाख ब्याज चुकाते हैं। नेट एनुअल वैल्यू ₹2.8 लाख है; 30% डिडक्शन (₹84,000) और ब्याज के बाद नतीजा लगभग ₹2.79 लाख का नुकसान है। ओल्ड रिजीम: इस नुकसान में से ₹2 लाख सैलरी से सेट-ऑफ़ होता है, जिससे 30% स्लैब पर ₹62,400 तक की बचत होती है। बाकी ₹79,000 आगे की हाउस प्रॉपर्टी आय के सामने आठ टैक्स ईयर तक कैरी फ़ॉरवर्ड होता है। न्यू रिजीम: नुकसान आपकी सैलरी आय को कम नहीं कर सकता और आगे भी नहीं जाता। आपकी हाउस प्रॉपर्टी आय बस शून्य मानी जाती है। किराये की आय के नियमों के बारे में ज़्यादा जानकारी हमारी रेंटल इनकम टैक्स गाइड में पढ़ें। होम लोन के साथ ओल्ड बनाम न्यू रिजीम: कौन ज़्यादा टैक्स बचाता है? टैक्स ईयर 2026-27 के लिए न्यू रिजीम में स्लैब दरें कम हैं: ₹4 लाख तक शून्य, फिर ₹4 लाख के कदमों में 5%, 10%, 15%, 20% और 25%, और ₹24 लाख से ऊपर 30%; साथ में एक रिबेट जिससे ₹12 लाख तक की आय असल में टैक्स-फ़्री हो जाती है, और सैलरीड टैक्सपेयर के लिए ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन। ओल्ड रिजीम में स्लैब ऊंचे हैं, लेकिन डिडक्शन मिलते हैं। 8% पर ₹60 लाख, 20 साल के लोन वाले एक सैलरीड खरीदार को लें। पहले साल का ब्याज लगभग ₹4.75 लाख और प्रिंसिपल लगभग ₹1.27 लाख है। मान लें कि section 123 के तहत ₹1.5 लाख पहले ही इस्तेमाल हो चुके हैं और हेल्थ इंश्योरेंस के लिए ₹25,000 क्लेम किए गए हैं। कुल (ग्रॉस) सैलरी ओल्ड रिजीम, बिना लोन ओल्ड रिजीम, ₹2 लाख ब्याज के साथ न्यू रिजीम सस्ता ₹18 लाख ₹2,96,400 ₹2,34,000 ₹1,50,800 न्यू, ₹83,200 से ₹25 लाख ₹5,14,800 ₹4,52,400 ₹3,19,800 न्यू, ₹1,32,600 से आंकड़ों में 4% सेस शामिल है और सरचार्ज शामिल नहीं है। होम लोन ब्याज का पूरा डिडक्शन लेने के बाद भी, दोनों आय स्तरों पर ओल्ड रिजीम आराम से पीछे रह जाता है। ओल्ड रिजीम में होम लोन ₹62,400 बचाता है, लेकिन न्यू रिजीम के कम स्लैब उससे ज़्यादा बचाते हैं। ओल्ड रिजीम कब ज़्यादा फ़ायदेमंद हो सकता है? सिर्फ़ तब, जब ₹50,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन के अलावा आपके कुल डिडक्शन बहुत बड़े हों। हमारी गणना के अनुसार ब्रेक-ईवन (बराबरी का बिंदु) लगभग इतने डिडक्शन पर आता है: ₹15 लाख सैलरी पर ₹5.4 लाख, ₹18 लाख पर ₹6.4 लाख, ₹20 लाख पर ₹7.1 लाख, और ₹25 लाख व उससे ऊपर लगभग ₹8 लाख। होम लोन ब्याज (₹2 लाख), section 123 (₹1.5 लाख) और अपने व सीनियर सिटीज़न माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस (₹75,000 तक) को जोड़ें तो ₹4.25 लाख होता है। ब्रेक-ईवन पार करने में बड़ी HRA छूट या ओल्ड रिजीम में उपलब्ध किराये वाली प्रॉपर्टी के नुकसान का सेट-ऑफ़ मदद कर सकता है। नियोक्ता का NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) योगदान दोनों रिजीम में पात्र हो सकता है और उसकी प्रतिशत सीमाएं अलग हो सकती हैं, इसलिए उसे दोनों तरफ़ के हिसाब में सही तरीके से शामिल करें। ओल्ड बनाम न्यू रिजीम वाली हमारी गाइड सभी विकल्पों को समझाती है, और HRA छूट वाला लेख दिखाता है कि वह हिस्सा कैसे निकाला जाता है। टैक्स के लिए जॉइंट होम लोन कैसे काम करता है? पति/पत्नी के साथ जॉइंट होम लोन परिवार के लिए उपलब्ध डिडक्शन को दोगुना कर सकता है, लेकिन सिर्फ़ तभी जब आप दोनों दो शर्तें पूरी करें: आप प्रॉपर्टी के सह-मालिक हों और लोन के सह-उधारकर्ता (को-बॉरोअर) हों। हर मालिक-उधारकर्ता अपने चुकाए हिस्से के अनुपात में ब्याज और प्रिंसिपल क्लेम करता है, अपनी-अपनी ₹2 लाख और ₹1.5 लाख की सीमा के अंदर। ऊपर वाले ₹60 लाख के लोन पर, पहले साल का ₹4.75 लाख ब्याज बराबर बांटने पर हर एक को लगभग ₹2.38 लाख मिलता है, इसलिए ओल्ड रिजीम में दोनों पूरे ₹2 लाख क्लेम कर सकते हैं। अकेला उधारकर्ता ₹2.75 लाख का डिडक्शन गंवा देता। हर पति/पत्नी अपना टैक्स रिजीम अलग से चुनता है, इसलिए एक ओल्ड रिजीम और दूसरा न्यू रिजीम इस्तेमाल कर सकता है। नवविवाहित जोड़ों के लिए हमारी गाइड इस फ़ैसले को कवर करती है। उधारकर्ता आमतौर पर कौन सी गलतियां करते हैं? न्यू रिजीम में क्लेम करना: कभी-कभी एम्प्लॉयर सेल्फ़-ऑक्युपाइड घर के ब्याज के लिए TDS (स्रोत पर काटा गया टैक्स) कम काट देते हैं; फिर फ़ाइलिंग के समय क्लेम नामंज़ूर होता है और टैक्स डिमांड बन जाती है। पांच साल का नियम भूल जाना: अगर अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट उधार लेने वाले साल के अंत से पांच साल से ज़्यादा लेट हो जाए, तो सीमा घटकर ₹30,000 रह जाती है। बहुत जल्दी बेच देना: 1961 के एक्ट में, अगर घर पज़ेशन के पांच साल के अंदर बेचा जाता तो प्रिंसिपल के डिडक्शन वापस (रिवर्स) हो जाते थे। बेचने से पहले जांच लें कि नए एक्ट में आपकी बिक्री से ऐसा ही रिवर्सल तो नहीं होता। सर्टिफ़िकेट को नज़रअंदाज़ करना: section 22 के डिडक्शन के लिए लोन देने वाले का चुकाने लायक ब्याज दिखाने वाला सर्टिफ़िकेट ज़रूरी है; इसे हर साल डाउनलोड करें। टॉप-अप लोन: टॉप-अप पर ब्याज सिर्फ़ तभी डिडक्टिबल है जब पैसा घर खरीदने, बनाने या मरम्मत में लगाया गया हो, सबूत के साथ। दूसरे देश होम लोन ब्याज को कैसे देखते हैं? मॉर्गेज (होम लोन) पर टैक्स छूट कम करने वाला भारत अकेला देश नहीं है। यूनाइटेड किंगडम ने खुद रहने वाले मालिकों के लिए मॉर्गेज ब्याज की राहत 2000 तक धीरे-धीरे खत्म कर दी। अमेरिका में 2017 के टैक्स सुधार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन लगभग दोगुना कर दिया और नए लोन के लिए डिडक्टिबल मॉर्गेज कर्ज़ की सीमा $750,000 कर दी, जिससे अब बहुत कम परिवार डिडक्शन अलग-अलग क्लेम (आइटमाइज़) करते हैं। दुनिया भर में रुझान मिलता-जुलता है: कम दरें और कम डिडक्शन — ठीक यही सौदा भारत का न्यू रिजीम करता है। क्या टैक्स फ़ायदों के आधार पर होम लोन के फ़ैसले लेने चाहिए? नहीं। डिडक्शन ब्याज की लागत घटाता है; यह ब्याज चुकाने को कभी मुनाफ़े का सौदा नहीं बनाता। न्यू रिजीम में, जिसे अब ज़्यादातर सैलरीड टैक्सपेयर इस्तेमाल करते हैं, आपके होम लोन की प्रभावी दर वही है जो लिखी हुई दर है। इससे प्रीपेमेंट पहले से ज़्यादा आकर्षक हो जाता है, जैसा कि प्रीपे करें या निवेश करें वाला हमारा विश्लेषण दिखाता है। अक्टूबर की रेट बढ़ोतरी के बाद, EMI रीसेट को कैसे संभालें, वह लेख भी देखें। संबंधित लेख नया Income-tax Act 2025: व्यक्तिगत टैक्सपेयर के लिए क्या बदला टैक्स प्लानिंग FY 2026-27: ओल्ड बनाम न्यू रिजीम होम लोन प्रीपे करें या निवेश करें? रेंटल इनकम टैक्स: 30% डिडक्शन और लोन का ब्याज होम लोन गाइड 2026 Money n Wealth पर टैक्स कंसल्टेशन अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न नए Income-tax Act 2025 में section 24(b) को क्या कहा जाता है? पहले section 24(b) में मिलने वाला ब्याज डिडक्शन अब Income-tax Act, 2025 के section 22 में है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू है। section 22(1)(b) उधार ली गई पूंजी पर ब्याज की अनुमति देता है, section 22(1)(c) निर्माण से पहले के ब्याज को पांच किस्तों में कवर करता है, और section 22(2) खुद रहने वाले घरों के लिए ₹2 लाख और ₹30,000 की सीमा तय करता है। क्या 2026 में न्यू टैक्स रिजीम में होम लोन ब्याज क्लेम कर सकते हैं? सिर्फ़ किराये वाले घर के लिए। section 202 न्यू रिजीम में खुद रहने वाली प्रॉपर्टी के लिए ब्याज डिडक्शन को बाहर रखता है। किराये वाली प्रॉपर्टी के लिए ब्याज डिडक्टिबल है, और ब्याज घटाने के बाद अलग-अलग प्रॉपर्टी के नतीजे ‘Income from house property’ के तहत जोड़े जाते हैं। लेकिन इस पूरे हेड का नेट नुकसान सैलरी या किसी दूसरे हेड से सेट-ऑफ़ नहीं हो सकता और आगे कैरी फ़ॉरवर्ड भी नहीं होता। क्या section 123 के तहत होम लोन का प्रिंसिपल डिडक्टिबल है? हां, सिर्फ़ ओल्ड रिजीम में। रिहायशी घर खरीदने या बनाने के लोन पर चुकाया गया प्रिंसिपल, और जिस साल चुकाए गए उस साल की स्टैम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज, 2025 एक्ट के section 123 के तहत आते हैं। कुल सीमा ₹1.5 लाख है, जो EPF, PPF, ELSS, जीवन बीमा और दूसरे पात्र आइटम के साथ साझा है। क्या पति और पत्नी दोनों होम लोन पर टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं? हां, अगर दोनों घर के सह-मालिक और लोन के सह-उधारकर्ता हैं। ओल्ड रिजीम में हर एक असल में चुकाए गए अपने हिस्से के अनुपात में ब्याज और प्रिंसिपल क्लेम करता है, खुद रहने वाले घर के ब्याज के लिए ₹2 लाख और section 123 के तहत ₹1.5 लाख की अलग-अलग सीमाओं के साथ। क्या सिर्फ़ होम लोन के फ़ायदों के लिए ओल्ड रिजीम में रहना फ़ायदेमंद है? आमतौर पर नहीं। हमारी गणना दिखाती है कि ₹18 लाख सैलरी पर, न्यू रिजीम की बराबरी के लिए ओल्ड रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन के अलावा लगभग ₹6.4 लाख के डिडक्शन चाहिए। होम लोन ब्याज और प्रिंसिपल मिलाकर ज़्यादा से ज़्यादा ₹3.5 लाख देते हैं, इसलिए आपको बड़ी HRA या दूसरे डिडक्शन भी चाहिए। अंडर-कंस्ट्रक्शन घर पर होम लोन ब्याज का डिडक्शन कितना है? निर्माण चलने के दौरान कुछ नहीं। पूरा होने से पहले चुकाया गया ब्याज जोड़ा जाता है और जिस टैक्स ईयर में निर्माण पूरा होता है, उससे शुरू करके पांच बराबर किस्तों में क्लेम किया जाता है, खुद रहने वाले घर की ₹2 लाख की कुल सीमा के अंदर। अगर निर्माण पूरा होने में उधार लेने वाले साल के अंत से पांच साल से ज़्यादा लगें, तो सीमा घटकर ₹30,000 रह जाती है। हाउस प्रॉपर्टी का कितना नुकसान सैलरी से सेट-ऑफ़ किया जा सकता है? ओल्ड रिजीम में साल में ₹2 लाख तक। जो बाकी बचता है, वह section 110 के तहत आठ टैक्स ईयर तक कैरी फ़ॉरवर्ड होता है, लेकिन तब उसे सिर्फ़ हाउस प्रॉपर्टी आय से ही सेट-ऑफ़ किया जा सकता है। न्यू रिजीम में दूसरी आय से कोई सेट-ऑफ़ नहीं होता और नुकसान खत्म हो जाता है। आपके होम लोन के साथ ओल्ड रिजीम या न्यू? जवाब आपकी सैलरी के ढांचे, HRA, सह-मालिकाना हक और किराये की आय पर निर्भर करता है। मुफ़्त पोर्टफ़ोलियो रिव्यू के लिए Money n Wealth से बात करें, या हमारी टैक्स कंसल्टेशन सेवा देखें। अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है, इसे निवेश, टैक्स या बीमा सलाह न मानें। आंकड़े और उदाहरण केवल समझाने के लिए हैं। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं, योजना से जुड़े सभी दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें। Money n Wealth (Predics Fintech Services Pvt Ltd) एक AMFI-registered Mutual Fund Distributor (ARN-121995) और APMI-registered PMS Distributor (APRN07444) है; यह SEBI-registered investment adviser नहीं है और इसके माध्यम से किए गए निवेश पर वितरण कमीशन प्राप्त कर सकता है। बीमा आग्रह की विषय वस्तु है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नए Income-tax Act 2025 में section 24(b) को क्या कहा जाता है?
पहले section 24(b) में मिलने वाला ब्याज डिडक्शन अब Income-tax Act, 2025 के section 22 में है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू है। section 22(1)(b) उधार ली गई पूंजी पर ब्याज की अनुमति देता है, section 22(1)(c) निर्माण से पहले के ब्याज को पांच किस्तों में कवर करता है, और section 22(2) खुद रहने वाले घरों के लिए ₹2 लाख और ₹30,000 की सीमा तय करता है।
क्या 2026 में न्यू टैक्स रिजीम में होम लोन ब्याज क्लेम कर सकते हैं?
सिर्फ़ किराये वाले घर के लिए। section 202 न्यू रिजीम में खुद रहने वाली प्रॉपर्टी के लिए ब्याज डिडक्शन को बाहर रखता है। किराये वाली प्रॉपर्टी के लिए ब्याज डिडक्टिबल है, और ब्याज घटाने के बाद अलग-अलग प्रॉपर्टी के नतीजे ‘Income from house property’ के तहत जोड़े जाते हैं। लेकिन इस पूरे हेड का नेट नुकसान सैलरी या किसी दूसरे हेड से सेट-ऑफ़ नहीं हो सकता और आगे कैरी फ़ॉरवर्ड भी नहीं होता।
क्या section 123 के तहत होम लोन का प्रिंसिपल डिडक्टिबल है?
हां, सिर्फ़ ओल्ड रिजीम में। रिहायशी घर खरीदने या बनाने के लोन पर चुकाया गया प्रिंसिपल, और जिस साल चुकाए गए उस साल की स्टैम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज, 2025 एक्ट के section 123 के तहत आते हैं। कुल सीमा ₹1.5 लाख है, जो EPF, PPF, ELSS, जीवन बीमा और दूसरे पात्र आइटम के साथ साझा है।
क्या पति और पत्नी दोनों होम लोन पर टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं?
हां, अगर दोनों घर के सह-मालिक और लोन के सह-उधारकर्ता हैं। ओल्ड रिजीम में हर एक असल में चुकाए गए अपने हिस्से के अनुपात में ब्याज और प्रिंसिपल क्लेम करता है, खुद रहने वाले घर के ब्याज के लिए ₹2 लाख और section 123 के तहत ₹1.5 लाख की अलग-अलग सीमाओं के साथ।
क्या सिर्फ़ होम लोन के फ़ायदों के लिए ओल्ड रिजीम में रहना फ़ायदेमंद है?
आमतौर पर नहीं। हमारी गणना दिखाती है कि ₹18 लाख सैलरी पर, न्यू रिजीम की बराबरी के लिए ओल्ड रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन के अलावा लगभग ₹6.4 लाख के डिडक्शन चाहिए। होम लोन ब्याज और प्रिंसिपल मिलाकर ज़्यादा से ज़्यादा ₹3.5 लाख देते हैं, इसलिए आपको बड़ी HRA या दूसरे डिडक्शन भी चाहिए।
अंडर-कंस्ट्रक्शन घर पर होम लोन ब्याज का डिडक्शन कितना है?
निर्माण चलने के दौरान कुछ नहीं। पूरा होने से पहले चुकाया गया ब्याज जोड़ा जाता है और जिस टैक्स ईयर में निर्माण पूरा होता है, उससे शुरू करके पांच बराबर किस्तों में क्लेम किया जाता है, खुद रहने वाले घर की ₹2 लाख की कुल सीमा के अंदर। अगर निर्माण पूरा होने में उधार लेने वाले साल के अंत से पांच साल से ज़्यादा लगें, तो सीमा घटकर ₹30,000 रह जाती है।
हाउस प्रॉपर्टी का कितना नुकसान सैलरी से सेट-ऑफ़ किया जा सकता है?
ओल्ड रिजीम में साल में ₹2 लाख तक। जो बाकी बचता है, वह section 110 के तहत आठ टैक्स ईयर तक कैरी फ़ॉरवर्ड होता है, लेकिन तब उसे सिर्फ़ हाउस प्रॉपर्टी आय से ही सेट-ऑफ़ किया जा सकता है। न्यू रिजीम में दूसरी आय से कोई सेट-ऑफ़ नहीं होता और नुकसान खत्म हो जाता है।
आपके होम लोन के साथ ओल्ड रिजीम या न्यू?
जवाब आपकी सैलरी के ढांचे, HRA, सह-मालिकाना हक और किराये की आय पर निर्भर करता है। मुफ़्त पोर्टफ़ोलियो रिव्यू के लिए Money n Wealth से बात करें, या हमारी टैक्स कंसल्टेशन सेवा देखें।