Money n Wealth 27 अक्तूबर 2026 13 मिनट में पढ़ें अंतिम अपडेट 27 अक्तूबर 2026
    Income-tax Act, 2025 और डिफ़ॉल्ट नई टैक्स व्यवस्था के बाद ELSS की छूट सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में बची है — यह गाइड बताती है कि आपके लिए कौन-सी व्यवस्था सही है और ELSS कब समझदारी है।

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    क्या 2026 में नई टैक्स व्यवस्था में ELSS की छूट ले सकते हैं?

    नहीं। ELSS की छूट Income-tax Act, 2025 के Section 123 (पुराना Section 80C) के तहत आती है, जिसकी अनुमति तब नहीं है जब आय Section 202 की नई व्यवस्था में गिनी जाती है। आप इसे सिर्फ़ तभी क्लेम कर सकते हैं जब उस टैक्स वर्ष के लिए पुरानी व्यवस्था चुनें। बिना बिज़नेस आय वाले वेतनभोगी करदाता हर साल रिटर्न भरते समय यह चुनाव कर सकते हैं।

    ELSS का लॉक-इन पीरियड कितना होता है?

    हर यूनिट की अलॉटमेंट की तारीख से तीन साल। SIP में हर किस्त का अपना तीन साल का लॉक-इन होता है, इसलिए तीन साल की SIP पहली किस्त के लगभग छह साल बाद ही पूरी तरह फ़्री होती है। लॉक-इन के बाद आप रखे रह सकते हैं, स्विच कर सकते हैं या पैसा निकाल सकते हैं। लॉक-इन खत्म होने पर अपने आप कोई निकासी नहीं होती।

    ELSS से कितना टैक्स बचा सकते हैं?

    अगर आप पुरानी व्यवस्था के 30% स्लैब में हैं और पूरे ₹1.5 लाख लगाते हैं, तो 4% सेस मिलाकर साल में ₹46,800 तक। 20% स्लैब पर बचत ₹31,200 है। लेकिन ₹1.5 लाख की सीमा EPF, PPF, लाइफ इंश्योरेंस, ट्यूशन फ़ीस और होम लोन के मूलधन के साथ साझा है, इसलिए आपके पास असल में बची जगह कम हो सकती है।

    नई व्यवस्था में आ गया हूं, तो क्या ELSS SIP बंद कर देनी चाहिए?

    अपने आप नहीं। खुद से पूछें कि क्या आपको इक्विटी में निवेश चाहिए और क्या लॉक-इन आपके लिए ठीक है। अगर आपको लचीलापन चाहिए और पुरानी व्यवस्था में लौटने की कोई संभावना नहीं है, तो आप आगे की किस्तें किसी सामान्य डाइवर्सिफ़ाइड या इंडेक्स फंड में मोड़ सकते हैं। मौजूदा यूनिट्स तब तक लॉक रहती हैं जब तक हर एक के तीन साल पूरे न हो जाएं, और उसके बाद भी उन्हें निकालना ज़रूरी नहीं है।

    ELSS के रिटर्न पर टैक्स कैसे लगता है?

    क्योंकि लॉक-इन 12 महीने से ज़्यादा है, ELSS का सारा मुनाफ़ा लॉन्ग-टर्म होता है। एक टैक्स वर्ष में कुल इक्विटी लॉन्ग-टर्म मुनाफ़ा ₹1.25 लाख से ऊपर होने पर उस पर 12.5% टैक्स लगता है। डिविडेंड (IDCW) आपकी आय में जुड़ता है और आपके स्लैब रेट से टैक्स लगता है, इसीलिए ज़्यादातर निवेशकों के लिए ग्रोथ विकल्प सही रहता है।

    टैक्स बचाने के लिए ELSS बेहतर है या PPF?

    दोनों एक जितना टैक्स बचाते हैं, इसलिए इनकी तुलना इस पर करें कि ये आपके पोर्टफ़ोलियो में क्या जोड़ते हैं। ELSS बाज़ार जोखिम और 3 साल के लॉक-इन वाली इक्विटी है। PPF 15 साल की अवधि और टैक्स-फ़्री रिटर्न वाला सरकार समर्थित डेट है। पुरानी व्यवस्था वाले ज़्यादातर निवेशक दोनों का इस्तेमाल करते हैं: सुरक्षित हिस्से के लिए PPF और ग्रोथ वाले हिस्से के लिए ELSS।

    वेतनभोगी के लिए पुरानी बनाम नई व्यवस्था का ब्रेक-ईवन क्या है?

    टैक्स वर्ष 2026-27 के हमारे हिसाब से, ₹15 लाख कमाने वाले को पुरानी व्यवस्था फ़ायदेमंद होने के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन के अलावा लगभग ₹5.44 लाख की छूट चाहिए। ₹20 लाख पर यह आंकड़ा लगभग ₹7.08 लाख है, और ₹25 लाख और उससे ऊपर लगभग ₹8 लाख। टैक्स के लिए निवेश करने से पहले अपने नंबर खुद निकालें।

    पक्का नहीं कि इस साल कौन-सी टैक्स व्यवस्था आपके लिए सही है?

    जवाब आपकी सैलरी के ढांचे, लोन और परिवार के कवर पर निर्भर करता है, और यह हर साल बदल सकता है। फ़्री पोर्टफ़ोलियो रिव्यू और टैक्स व्यवस्था की जांच के लिए Money n Wealth से बात करें।

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