Money n Wealth 27 अक्तूबर 2026 11 मिनट में पढ़ें अंतिम अपडेट 27 अक्तूबर 2026
    परिवार के लिए कितना टर्म कवर और कितना हेल्थ कवर चाहिए, सही पॉलिसी कैसे चुनें और 2024-2026 में इंश्योरेंस नियमों में क्या बदला — यह गाइड सब कुछ आसान भाषा में समझाती है।

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    मुझे कितने टर्म इंश्योरेंस कवर की ज़रूरत है?

    एक आम शुरुआती पैमाना है आपकी सालाना आय का 10–15 गुना, जिसे बकाया लोन (जैसे होम लोन) और आपके आश्रितों को कितने साल सहारा चाहिए, उसके हिसाब से बढ़ाया जाए, और मौजूदा बचत व निवेश जो उनकी मदद कर सकते हैं, उनके हिसाब से घटाया जाए।

    क्या टर्म इंश्योरेंस पारंपरिक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी से बेहतर है?

    सिर्फ़ सुरक्षा के लिए, टर्म इंश्योरेंस हर रुपये के प्रीमियम पर पारंपरिक एंडोमेंट या मनी-बैक प्लान से कहीं ज़्यादा कवर देता है, क्योंकि इसमें कम रिटर्न वाला बचत हिस्सा नहीं जुड़ा होता। ज़्यादातर फ़ाइनेंशियल प्लानर किसी मिले-जुले प्रोडक्ट के बजाय सुरक्षा के लिए टर्म इंश्योरेंस और ग्रोथ के लिए अलग से म्यूचुअल फंड लेने की सलाह देते हैं।

    भारत में मुझे कितने हेल्थ इंश्योरेंस कवर की ज़रूरत है?

    शुरुआत के तौर पर, इलाज के बढ़ते खर्च को देखते हुए छोटे शहर में ₹5–10 लाख और मेट्रो में ₹10–25 लाख का व्यक्तिगत कवर एक ठीक-ठाक आधार है, और बेहतर हो कि कम अतिरिक्त प्रीमियम में बहुत बड़े कवर के लिए इसके साथ सुपर टॉप-अप पॉलिसी हो। सिर्फ़ एम्प्लॉयर के ग्रुप हेल्थ कवर पर निर्भर न रहें, जो आम तौर पर नौकरी छोड़ते ही खत्म हो जाता है।

    क्या भारत में लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST लगता है?

    नहीं। GST Council के फ़ैसले के बाद, 22 सितंबर 2025 से व्यक्तिगत लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम — जिनमें टर्म इंश्योरेंस, एंडोमेंट प्लान, ULIP और फ़ैमिली फ़्लोटर हेल्थ प्लान शामिल हैं — GST से मुक्त हैं। ग्रुप हेल्थ और ग्रुप टर्म पॉलिसियों पर अब भी GST लगता है।

    2026 में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर कितना टैक्स बचा सकते हैं?

    सिर्फ़ पुरानी टैक्स व्यवस्था में। आप खुद, जीवनसाथी और बच्चों के लिए साल में ₹25,000 तक (अगर आप 60 या उससे ज़्यादा उम्र के हैं तो ₹50,000) और माता-पिता के लिए और ₹25,000 (अगर माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं तो ₹50,000) की छूट ले सकते हैं, कुल मिलाकर ₹1 लाख तक। यह Section 80D है, जो Income-tax Act, 2025 के Section 126 में आ गया है। नई व्यवस्था में कोई छूट नहीं मिलती।

    हेल्थ इंश्योरेंस में पहले से मौजूद बीमारियों का वेटिंग पीरियड कितना होता है?

    IRDAI के 2024 हेल्थ इंश्योरेंस मास्टर सर्कुलर के तहत, पहले से मौजूद बीमारी को लगातार कवर के ज़्यादा से ज़्यादा 3 साल तक बाहर रखा जा सकता है, जो पहले 4 साल था। लगातार 5 साल (मोराटोरियम पीरियड) के बाद, बीमा कंपनी साबित धोखाधड़ी के अलावा जानकारी न देने (non-disclosure) के आधार पर क्लेम पर सवाल नहीं उठा सकती। अलग-अलग पॉलिसियों में वेटिंग पीरियड इससे कम भी हो सकता है, इसलिए तुलना करें।

    क्या भारत में टर्म इंश्योरेंस का पैसा टैक्सेबल है?

    लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत नॉमिनी को मिलने वाला डेथ बेनिफ़िट आम तौर पर टैक्स-फ़्री होता है। इससे आप टर्म कवर को सीधे लोन और लक्ष्यों के हिसाब से तय कर सकते हैं। प्रीमियम पर ₹1.5 लाख की सीमा के अंदर छूट सिर्फ़ पुरानी टैक्स व्यवस्था में मिलती है।

    पक्का नहीं कि असल में कितना कवर चाहिए, या कौन-सी पॉलिसी सही रहेगी?

    सही कवर आपकी आय, आश्रितों, लोन और मौजूदा संपत्ति पर निर्भर करता है — किसी आम नंबर पर नहीं। फ़्री इंश्योरेंस और पोर्टफ़ोलियो रिव्यू के लिए Money n Wealth से बात करें।

    अकादमी में इसे चरण-दर-चरण सीखें(अंग्रेज़ी में)

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    नियामक जानकारी: Money n Wealth (Predics Fintech Services Pvt Ltd) SEBI के ढाँचे के तहत एक AMFI-पंजीकृत म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर (ARN-121995) और एक APMI-पंजीकृत पोर्टफोलियो मैनेजर डिस्ट्रीब्यूटर (APRN-07444) के रूप में विनियमित है। इस साइट पर बताए गए बीमा संबंधी उत्पाद और सेवाएँ IRDAI-पंजीकृत बीमा वितरण व्यवस्थाओं के तहत दी जाती हैं। म्यूचुअल फंड निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन हैं, योजना संबंधी सभी दस्तावेज़ों को ध्यान से पढ़ें। यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के लिए है। यह व्यक्तिगत निवेश, टैक्स, कानूनी या बीमा सलाह नहीं है और किसी भी वित्तीय निर्णय का एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए। निवेश करने या कोई पॉलिसी लेने से पहले कृपया अपने सलाहकार से बात करें और उत्पाद के आधिकारिक दस्तावेज़ देखें।

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